फिर भी कभी
अमदाबाद में नाश्ता मुंबई में खाना से अच्छा क्या होगा कोलकाता में खाना दिल्ली या चेन्नई में खाना बोलो जल्दी बोलो कर दूँ बुलेट स्टार्ट जहाँ नाश्ता वहाँ क्या खाना खाना तो वहाँ होता है जहां सोना तो होता है मगर जागना कहीं और होता है जागे-जागे सोना और सोते-सोते जागना अच्छा नहीं कहता है कच्छा पहलवान सच्चा पहलवान अच्छा पिलवान भी है बुलेट से भी तेज़ चलाता है जब हाथी को कच्छा पहलवान काँपते हैं सारे सवार असवार काँपती है धरती काँपता आसमान फिर भी नहीं कोई सवाल नहीं कोई सवाल फिर भी कभी •••